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राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार भारत आए गोताबाया और मछुआरों को लेकर ये बड़ा ऐलान कर दिया

श्रीलंका के नए-नए राष्ट्रपति गोताबाया राजपक्षे भारत दौरे पर हैं. राष्ट्रपति बनने के बाद ये उनका यह पहला विदेश का दौरा है. उन्होंने 29 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. दोनों के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुईं. संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि भारत हर रूप में आतंकवाद का विरोध करता है और इसके खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि हम इस लड़ाई में श्रीलंका का साथ देते रहेंगे.

इस प्रेस वार्ता में में श्रीलंका के राष्ट्रपति ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भारत की जितनी भी नावें  श्रीलंका की कस्टडी में हैं, श्रीलंका उन सभी को छोड़ देगा. भारत-श्रीलंका के बीच मछुआरों का मुद्दा बहुत पुराना है. मछुआरे अधिकतर रास्ता भटक कर समुद्री सीमा पार कर जाते हैं.

ANI@ANI

President of Sri Lanka Gotabaya Rajapaksa: We will take steps to release the boats belonging to India in our custody.

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2:00 PM - Nov 29, 2019

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पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि श्रीलंका सरकार तमिलों की समानता, न्याय, शांति और सम्मान की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सुलह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी. प्रमुख भारतीय संस्थानों में श्रीलंका के पुलिस अधिकारी काउंटर टेररिस्ट ट्रेनिंग ले रहे हैं. भारत सरकार ‘पड़ोसी पहले’ की नीति पर काम कर रही है और हम श्रीलंका के साथ अपने संबंधों को प्राथमिकता देते हैं.’

Rajapakshe Rajghat

राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते गोताबाया राजपक्षे (फोटो: Twitter | MEAIndia)

पीएम मोदी ने कहा कि श्रीलंका की इकॉनमी को मजबूत करने के लिए भारत की तरफ से 2865 करोड़ रुपये (400 मिलियन डॉलर) के कर्ज की सुविधा (लाइन ऑफ क्रेडिट) दी जाएगी और 716 करोड़ रुपये (100 मिलियन डॉलर) का कर्ज सोलर परियोजना पर खर्च करने लिए दिए जाएंगे.

राष्ट्रपति बनने के बाद गोताबाया ने कहा था कि वे भारत के साथ अपने संबंधो को मजबूत करेंगे और एक मित्र राष्ट्र की तरह काम करेंगे. पीएम मोदी ने गोताबाया को बधाई देते हुए कहा है कि मैं बहुत खुश हूं कि उन्होंने अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना.



Reported By:Acharya Rekha Kalpdev
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