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हैदराबाद रेप-मर्डर केस: पीड़िता के चाचा ने जो कहा वो जानकर आप की आंखें भर आएंगी

हैदराबाद में 27 साल की डॉक्टर से जिस तरह बलात्कार का मामला सामने आया है, उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इंसानियत कितनी नीचे गिर सकती है इसका जीता-जाता उदाहरण हैदराबाद वाला मामला है. इस वक्त एक तरफ देश गुस्से में है तो दूसरी तरफ पीड़ित के परिवारवाले अभी भी इस घटना पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं. हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में पीड़िता के चाचा ने बताया-

हम अभी भी इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि हमारी बच्ची हमारे बीच नहीं है. हमारे लिए ये काफी मुश्किल पल है. जब पुलिस अधिकारी ने मुझ से मेरा नाम पूछा था और जब घटना की जानकारी मिली थी तब से अभी तक बिल्कुल ब्लैंक हूं. उसकी मां और बहन लगातार रोए जा रही हैं. सभी लोग आकर चुप कराने की कोशिश करते हैं, सभी कह रहे हैं कि इंसाफ मिलेगा. लेकिन उसका क्या काम, क्या मुस्कुराती हुई हमारी बेटी वापस आ सकती है? निर्भया हादसे के बाद भी देश में कोई बदलाव नहीं हुआ, ये देश के साथ बड़ी ट्रैजडी है.

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हैदराबाद मामले में पुलिस ने इन्हीं चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

चाचा ने आगे बताया-

हमारी बच्ची बहुत खूबसूरत इंसान थी. वो बहुत प्यारी थी, जानवरों से प्यार करती थी. इसी वजह से उसने जानवरों का डॉक्टर बनने का फैसला किया था. मेडिकल एंट्रेस एग्जाम में रिज़ल्ट अच्छे थे, वो मेडिसिन की पढ़ाई कर सकती थी. लेकिन जानवरों से प्यार की वजह से उसने ऐसा फैसला लिया. जब वह छोटी बच्ची थी, तब से आवारा कुत्तों, गायों, घोड़ों को खिलाती थी. उसका परिवार एक छोटे से घर में रहता था, ताकि पालतू जानवर रखने के उसके सपने को पूरा किया जा सके.

चाचा ने परिवार के बारे में आगे बात करते हुए बताया-

उसके पिता की ट्रांसफर वाली नौकरी थी, वो हमेशा वीकेंड में परिवार के साथ रहने आते थे. उनके रिटायरमेंट के बस 8 महीने ही बचे हुए थे, जिसके बाद वो अपना पूरा टाइम परिवार के साथ बिताना चाहते थे. हमारी बच्ची की ज़िंदगी बस चार चीज़ों के आस-पास ही घूमती थी- जानवर, किताबें, परिवार और कुकिंग. वो हमेशा ऑनलाइन नए-नए तरीकों से खाने के बारे में सीख कर घर में एक्सपेरिमेंट किया करती थी.

चाचा ने फिर रोते हुए बताया-

जब उनके कम्युनिटी में किसी अविवाहित लड़की की मौत हो जाती है, तो हम उसके दाह संस्कार से पहले उसकी शादी पेड़ से कराते हैं. ताकि उसकी आत्मा को शांति मिले. हालांकि मैं इन बातों को नहीं मानता, बस उसकी आत्मा की शांति के के लिए प्रार्थना करता हूं.

आखिर में चाचा ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद इस प्रदेश के मुख्यमंत्री की तरफ से किसी तरह की कोई चिट्ठी या शोक जाहिर नहीं की गई. उम्मीद करता हूं कि देश को सुरक्षित करने की दिशा में आगे शायद कोई काम हो.



Reported By:ADMIN
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